राम मंदिर दान चोरी मामला: CCTV और कड़ी सुरक्षा के बावजूद कथित हेराफेरी पर उठे सवाल

राम मंदिर दान चोरी मामला: CCTV और कड़ी सुरक्षा के बावजूद कथित हेराफेरी पर उठे सवाल

अयोध्या, 4 जुलाई 2026। राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के सामने एक कैशियर ने महत्वपूर्ण बयान दर्ज कराया है। कैशियर ने दान गिनती प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और आरोपियों के व्यवहार से जुड़ी कई जानकारियां साझा की हैं।
कैशियर के अनुसार, मंदिर के काउंटिंग सेंटर में प्रवेश से पहले कर्मचारियों को कई स्तरों की सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ता था। मुख्य गेट पर तलाशी, उपस्थिति दर्ज कराना, मोबाइल और निजी सामान लॉकर में जमा करना तथा विशेष ड्रेस पहनना अनिवार्य था। इसके बाद ही पहचान सत्यापन के उपरांत काउंटिंग रूम में प्रवेश दिया जाता था।
उसने बताया कि दान पात्रों को निर्धारित अधिकारियों की मौजूदगी में खोला जाता था और लगभग 10 CCTV कैमरों की निगरानी में नोटों की गिनती होती थी। काउंटिंग प्रक्रिया में ट्रस्ट अधिकारी, बैंक कर्मचारी, सुपरवाइजर और अन्य स्टाफ शामिल रहते थे। गिनती पूरी होने के बाद रकम का रिकॉर्ड तैयार कर बैंक को सौंप दिया जाता था।
पूछताछ के दौरान कैशियर ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी सामान्य व्यवहार करते थे और अपने कार्य तक सीमित रहते थे, जिससे उन पर कभी संदेह नहीं हुआ। उसने यह भी दावा किया कि CCTV मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संभालने वाला कर्मचारी कई बार अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं रहता था, जिससे निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्न खड़े होते हैं।
जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि कुछ आरोपियों की मंदिर परिसर में आवाजाही अपेक्षाकृत आसान मानी जाती थी। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।
SIT अब कैशियर के बयान समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और CCTV निगरानी के बावजूद कथित अनियमितताएं कैसे संभव हुईं।
(नोट: मामला वर्तमान में जांच के अधीन है। किसी भी व्यक्ति की दोषसिद्धि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मानी जाएगी।)